हरिद्वार।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में सावन मास में लगने वाला कांवड़ मेला शुरू हो चुका है। हालांकि सावन 11 जुलाई से शुरू होगा लेकिन कांवरिया हरिद्वार पहुंच चुका है।अधिकांश कांवरिये कल गुरु पूर्णिमा को पवित्र गंगाजल लेकर हरिद्वार से अपने-अपने नगरों की ओर प्रस्थान करेंगे राजस्थान,व हरियाणा के दूर दराज से जल लेने आये कांवरिये कल कांवर उठाएंगे और अपने-अपने नगरों की ओर प्रस्थान करेंगे ।किसी प्रकार का भी नुकीला व धारदार उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार कांवरिया सामान्य लाठी या डंडा लेकर जिसको पड़कर कांवरिये कांवर लेकर जा सकते हैं लेकिन नुकीले और धारदार उपकरणों पर प्रतिबंध रहेगा।

जिला अधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार यह कांवड़ मेला शिव भक्तों के लिए शिव भक्ति में लीन रहने का मेला है। इसलिए कांवरियों को चाहिए कि वह यहां से शांतिपूर्वक जल लेकर जाएं और अपने-अपने नगरों और शहरों के शिवालयो में 23 तारीख को शिव जी ,जी का जलाभिषेक करे । तथा किसी प्रकार का नशा व उपद्रव ना करें तभी कांवर ले जाने का महत्व है जिलाधिकारी मयूर दीक्षित कांवड़ मेले पर पुरी निगाह बनाए हुए हैं साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोबाल भी पुलिस फोर्स को कांवरियों के साथ सौहार्द पूर्ण वातावरण से पेश आने के लिए फोर्स को प्रेरित कर रहे हैं ।


मुख्यमंत्री की मेले की हर गतिविधि पर निगाह।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कांवड़ मेले को लेकर काफी गंभीर है। और कांवड़ मेले की हर गतिविधि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगाह है ।पुष्कर सिंह धामी अपने अधिकारियों को कांवड़ मेले में शिव भक्तों के साथ किस तरीके से पेश आया जाए उसके लिए अधिकारियों को निर्देश भी दे रहे हैं राज्य सरकार चाहती है कि उत्तराखंड में आने वाले किसी भी शिव भक्त को किसी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी ना हो सभी शिव भक्त शांतिपूर्वक पवित्र गंगाजल लेकर यहां से अपने-अपने नगरों की ओर रवाना हो और बाबा भोलेनाथ का 23 जुलाई को जलाभिषेक करें।

