हरिद्वार ।हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर पर हुई दुर्घटना में मृतको की संख्या 9 हो गई है, प्रथम दृष्टिया इस हादसे के लिए राजाजी नेशनल पार्क के कर्मचारियों व मनसा देवी ट्रस्ट के ट्रस्टयो की धनलोलुपता ही सामने आ रही है। हरिद्वार मनसा देवी मंदिर पर हुए हादसे में 9 श्रद्धालु जो मां के दर्शनों के लिए जा रहे थे वह मनसा देवी मंदिर को जाने वाले मार्ग की सीढ़ियों पर कुचलकर काल के गाल में समा गए, जबकि दो अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं ।यह हादसा राजा जी नेशनल पार्क के अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टीयो और कर्मचारी की धनलोलुपता के कारण ही हुआ है।
घटना की जांच के आदेश दे दिए गए है ।15 दिन में एसडीएम हरिद्वार अपनी रिपोर्ट देंगे, उसके बाद ही किस-किस के खिलाफ रिपोर्ट में कार्रवाई करने की बात कही गई है वह सामने आएगी, और कौन कौन घटना का दोषी पाया जाता है उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है यह तो जिला प्रशासन और राज्य सरकार ही तय करेगी ।

आज तक की हरिद्वार में हुई कई घटनाओं के जिमेदारों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही।
आज तक हुई तमाम घटनाओं में जो हरिद्वार में अब तक हुई है।चाहे कुंभ मेला रहा हो सोमवती अमावस्या रही हो या शान्ति कुंज के साथ ही इससे पूर्व मनसा देवी मंदिर पर हुआ हादसा भी रहा हो ।इन पर पूर्व में हुई घटनाओं में जिनमें हर हादसे में मौतें हुई थी आज तक हादसे के जुम्मेदार किसी को कोई सजा या जो भी हादसों लिए दोषी रहे हो उनका बाल बांका नहीं हुआ है। श्रद्धालुओं की मौत के बाद उनको मुआवजा दिया जाता है। और मजिस्ट्रेट जांच कराई जाती है व मजिस्ट्रेट जांच या किसी पूर्व न्यायाधीश की जांच रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली जाती है ।
मंशा देवी मंदिर के ट्रस्टी है निश्चिंत
मंशा देवी मंदिर के इस बार हुए हादसे की रिपोर्ट का क्या परिणाम होगा यह तो पता नहीं लेकिन मंशा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी बिल्कुल निश्चिंत है ,कल मनसा देवी मंदिर पर भी गए थे और अपने नारियल वाले शर्मा जी को व मैनेजर दुबे को कह आए हैं की आराम से काम कीजिए ,थोड़ी बहुत सफाई की व्यवस्था जरूर कर लीजिए कल तक जो मनसा देवी मंदिर के कर्मचारी थोड़े भयभीत दिखाई दे रहे थे की पता नहीं क्या होगा । वे अब निश्चिंत हो गए हैं ,और उन्होंने फिर से अपने पैतरे दिखाने शुरू कर दिए हैं। मनसा देवी के अध्यक्ष महोदय की निश्चिन्ता तो बता रही है कि मामला बहुत ज्यादा गंभीर दिखाई नहीं पड़ रहा है। जबकि 9 श्रद्धालुओं की मौत हो जाना बहुत बड़ी बात है ।और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन सब चीजों को लेकर बड़े गंभीर रहते हैं और वे इस घटना के तुरंत बाद हरिद्वार भी आए थे ,अस्पताल जाकर सभी घायलों से भी मिले थे, और डॉक्टर व जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों की समुचित देखभाल करने के निर्देश भी दिए थे।

मंशा देवी मंदिर के आसपास की जमीन के छोटे छोटे टुकड़े व्यापारियों को देकर की है मोटी कमाई।
राजा जी नेशनल पार्क के कर्मचारियों व मनसा देवी ट्रस्ट के ट्रस्टी व कर्मचारीयो ने जिस कदर पैसे की उगाई के लिए इस मंदिर क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन पर व्यापारियों को काबिज करा दिया था और मनसा देवी मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के यह व्यापारी और मनसा देवी मंदिर पर मौजूद कर्मचारी कपड़े तक खींच लिया करते थे । अब जिला अधिकारी मयूर दीक्षित व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोबाल किसी भी कीमत पर मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण होने देने के पक्ष में नहीं है। यही हाल चंडी देवी पर भी होने वाला है ,वहां से भी अतिक्रमणहटाया जा रहा है व अतिक्रमण करने वालो के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये जा रहे है।वहां जिस तरह की अवैध दुकाने और खाने के होटल बने हुए हैं जो की गैस सिलेंडरों से चलते हैं ,जहां कभी भी गैस सिलेंडर से हादसा भी हो सकता है ,लेकिन व्यापार के नाम पर वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को लूटने वाले इन दुकानदारों को इन सब चीजों से कोई लेना देना नहीं है। इन्हें तो केवल और केवल एक के चार करने हैं जो कार्य रविवार से पूर्व जारी था। और शायद हफ्ते 10 दिन या महीने भर की हाय तौबा के बाद फिर से वही काम अपने ढर्रे पर आ जाएगा ।क्योंकि राजा जी नेशनल पार्क और मंदिर के ट्रस्टीयो को इन व्यापारियों से मोटी आमदनी होती है और इस मोटी आमदनी का हिस्सा पुलिस को भी जाता है। इसलिए सभी लोग अपनी आंखें बंद किए रहते हैं ।
जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा
15 दिनों के बाद एस डी एम की जांच रिपोर्ट में क्या परिणाम सामने आते हैं । इसकी शहर की जनता को प्रतीक्षा है, लेकिन जिस तरीके से मनसा देवी मंदिर के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी महाराज निश्चिंत दिखाई दे रहै है ,उससे तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट में इस हादसे के लिए किसको जुम्मेदार मानकर उसके खिलाफ क्या कार्यवाही होती है।इसकी नगर की जनता को प्रतीक्षा है।

