हरिद्वार । हरिद्वार में 2027 में लगने वाले कुंभ मेले के लिए मेला अधिकारी सोनिका सिंह ने 13 अखाड़े के एक एक प्रतिनिधियों की एक बैठक मेले की किस तरीके से सुचारू रूप से व्यवस्थाएं की जाएं और साधु संतों के लिए मेले में क्या-क्या किया जाए, इसके लिए एक बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में निरंजनी अखाड़े के महन्त रवींद्र पुरी जी महाराज जूना अखाडे के संरक्षक हरि गिरि जी महाराज , आवाहन अखाड़े, अग्नि अखाड़े व आनंद अखाड़े के एक-एक प्रतिनिधि मौजूद थे, जबकि महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रवींद्र पुरी जी बाहर थे लेकिन वे कल ही हरिद्वार पहुंचे हैं ।

हरि गिर जी
हमारी किसी से कोई नाराजगी नही और खासकर मेलाधिकारी से तो बिल्कुल भी नही वे कर्मठ अधिकारी है। महानिर्वाणी के महंत रविन्द्र पुरी।
आज जब महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविन्द्र पुरी जी से इस विषय पर पूछा गया की महाराज जी आप बैठक में क्यों नहीं उपस्थित हुए तो उनका कहना था की ज्यादातर संत शहर से बाहर हैं। मैं भी बाहर था, मैं भी कल ही आया हूं ,और थोड़ा मेरा स्वास्थ्य भी ढीला था, इसलिए में बैठक में नहीं गया , मेरी किसी से कोई नाराजगी नहीं है ,और मेला अधिष्ठान के किसी भी कर्मचारी से व खासकर मेला अधिकारी से हमारी किसी प्रकार की कोई नाराजगी नहीं है ,मेला अधिकारी से तो किसी तरीके की नाराजगी होने का मतलब ही नहीं होता है।

रविन्द्र पुरी जी
वह एक कर्मठ महिला अधिकारी हैं। और उनके नेतृत्व में कुंभ मेला बहुत ही शानदार तरीके से संपन्न होगा, और यह कोई आखिरी बैठक नहीं थी ,आगे भविष्य में भी बैठके होती रहेगी हम उन बैठकों में शामिल होंगे, इस बैठक में शामिल न होने के पीछे कोई किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है

रविन्द्र पुरी महानिर्वाणी अखाड़ा

