हरिद्वार ।
हरिद्वार में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राज्य सरकार द्वारा गरीबों को निशुल्क चावल व बहुत ही सस्ते दामों पर गेहूं व दाले उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन यह चावल गरीबों के पेट में न जाकर दुकानदारों व राशन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से ब्लैक मार्केट में बेच दिया जाता है। पहले यह कारोबार गोदाम पर ही चला करता था। जिसका मुखिया योगी नमक राशन माफिया होता था। उस पर जब पूर्व जिला अधिकारी कमरेंद्र सिंह ने सख्ती दिखाई और उसका गोदाम पर आना बंद करवा दिया गया। तब उसने एक ज्वालापुर का और एक BHEL का राशन विक्रेता इस काम पर लगा दिया था।

और वह दोनों ही इस कारोबार को कर रहे थे। लेकिन अब इस कारोबार को राशन विक्रेताओं ने खुद अपने हाथों में लेकर माल को ठिकाने लगाने का कार्य शुरू कर रखा है। ज्यादातर राशन दुकान वालों की सेटिंग राशन माफिया के साथ-साथ फ्लोर मिल वालों के साथ भी है ।अब एक नया ट्रेंड इस कारोबार में निकला है, कि सुबह ही कुछ मोटरसाइकिल व स्कूटी वाले राशन विक्रेताओं की दुकानों पर पहुंच जाते हैं वहां से चार-चार 6,6 कट्टे लाद कर मोटरसाइकिल और स्कूटीयों पर ले जाते है।सौ दो सौ कट्टे एकत्र हो जाने पर फ्लोर मील पहुंचा दिये जाते है।इस तरह कारोबार चल रहा है, बीती रात जगजीतपुर राजा गार्डन के पास एक राशन माफिया राशन दुकानदार को मोहल्ले के ही लोगों ने राशन की कालाबाजारी करते हुए पकड़ लिया इन बोरियों पर स्पष्ट रूप से लिखा दिखाई दे रहा है। कि यह उत्तराखंड सरकार का राशन है ।
व इसकी बिक्री नहीं हो सकती कट्टो पर लिखा है नॉट फॉर सेल, लेकिन यह व्यक्ति जो ऑटो में सामान को लेकर जा रहा है यह लगातार झूठ बोल रहा है । पहले कह रहा था कि मैं दुकान पर ले जा रहा हूं । पूछा गया कि तेरी दुकान कहां है तो कहने लगा मैं अपने घर ले जा रहा था भाई घर में क्या करेगा बोला मैं चक्की पर बेच दूंगा , लाख निगरानी के बाद भी यह धन्दा रुकने का नाम नही ले रहा है।जिलाधिकारी व जिला पूर्ति कार्यालय को चाहिए कि वह इस तरीके के कारोबार में लगे लोगों के साथ सख्ती से कार्रवाई करें। साथ ही जिलाधिकारी इस ओर ध्यान देकर गरीबों के पेट का राशन गरीबों तक की पहुंचने में मदद करेंगे, तो गरीबों की आत्मा जिला अधिकारी व जिला पूर्ति कार्यालय को दुआएं देगी।

