12 Feb 2026, Thu
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सावन मास में हरिद्वार में लगने वाला कांवड़ मेला शुरू हो गया है। शिव भक्त कांवरिये जो उपद्रव व नशा करते हैं उनकी कांवर खंडित हो जाती है ।भगवान भोलेनाथ ऐसे शिव भक्तों की भक्ति से प्रसन्न न होकर क्रोधित हो जाते हैं इसलिए शिव भक्तों को चाहिए की शांतिपूर्वक आए और बिना नशा किये पवित्र गंगाजल लेकर अपने नगर या कस्बे के शिवालय में 23 जुलाई को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करें,

हरिद्वार
नरेश गुप्ता
मनोटियों का पर्व है, कांवड़ यात्रा

तीर्थ नगरी हरिद्वार में 11 जुलाई से शुरू होने वाला कांवर मेला 11 जुलाई से पूर्व ही शुरू हो चुका है सावन का महीना 11 जुलाई से लगेगा और 11 जुलाई से ही शिव भक्त कांवरियों का हरिद्वार में तेजी से आगमन होगा ।23 तारीख को बाबा भोलेनाथ का पूरे देश भर के शिवालयों में जलाभिषेक होगा । शिव भक्त कांवरिये हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बो के शिवालियों में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं ।इस मेले को पूर्णयता मनौती का पर्व कहा जाता है ।शिव भक्त श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं बाबा भोलेनाथ से मांगते हैं और बाबा अपने शिव भक्तों को निराश नही करते हुए उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं ।

नशा और उपद्रव करने वाले कावरियों को लगता है, दोष ।

जो शिव भक्त
बाबा की आराधना करते समय नशा व उपद्रव करते हैं उनसे बाबा क्रोधित भी हो जाते हैं । इसलिए शिव भक्त कांवरियों को चाहिए कि वह हरिद्वार आकर रास्ते में नशा व उपद्रव न करे जिससे उनके आराध्य उनसे नाराज ना होकर प्रसन्न हो और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करें, 11 तारीख से पहले जो शिव भक्त गंगाजल लेकर वापस लौटने लगे हैं यह शिव भक्त अपने कंधों पर कई कई कलश में गंगाजल लेकर काफी लंबी यात्रा के लिए निकल पड़े हैं ।यह शिव भक्त 51 किलो से लेकर 101 किलो तक गंगाजल अपने कन्धों पर लेकर चलते हैं ।और इनमें से ज्यादातर शिव भक्त कांवरिये हरियाणा के हैं ।जो लम्बी दूरी से आए हैं और पैदल ही अपने गंतव्य तक इतना जल लेकर जाएंगे और 23 तारीख को अपने नगर के शिवालयो में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

संतान, नोकरी , व्यापार ,सुख शांति की कामनाओ के साथ उठाते है, कांवर।

यह कांवरिये बाबा से मनोती मांगते है की किस के घर में संतान होना नौकरी लग जाना व्यापार में तरक्की होना । के अलावा और भी कई तरीके की मनोकामनाएं होती हैं जो बाबा पूरी करते हैं इस लिए कई शिव भक्त तो ऐसे हैं जो एक बार के अलावा कई कई बार कांवड़ लेने हरिद्वार आते हैं और अब तो छोटे-छोटे बच्चे महिलाएं वृद्ध भी उत्साह के साथ इस मेले में कांवर लेने पहुंचते हैं और अपने शहरों की तरफ गंगाजल लेकर रवाना होते हैं।

11 तारीख से 23 तारीख तक हरिद्वार से बिजनौर, सहारनपुर दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर केसरिया परिधानों में लिपटे शिव भक्त कांवरिया ही नजर आएंगे। बाबा भोलेनाथ के जयकारों से यह सभी नगर दिन-रात गुंजायमान रहेंगे और चारो दिशाओं में देखने पर स्वर्ग जैसी अनुभूति होगी। राज्य सरकारे भी इन कांवरियों की सुरक्षा व सुविधाओं के लिए व्यवस्थाएं करती है ।चाहे वह उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो हरियाणा हो हिमाचल हो या दिल्ली हो सभी राज्यों में अधिकारी इन शिव भक्तों की दिल से सेवा करते है।और इन शिव भक्तों की सेवा करके वे अपने को धन्य मानते है।

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