हरिद्वार।तीर्थ नगरी हरिद्वार में सावन मास में लगने वाला कांवड़ मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है लाखों की तादाद में डाक कावड़ व जिधर निगाह दौड़ाएं उधर केसरिया परिधानों में लिपटे केवल और केवल शिव भक्त ही दिखाई पड़ रहे हैं। हरिद्वार में इस समय साक्षात स्वर्ग जैसे दर्शन हो रहे हैं हर तरफ भोले के जयकारे हैं ,और हर कोई केवल भोले की भक्ति में सरावोर दिखाई दे रहा है।
हर सड़क, शिव मंदिरों व हर की पौड़ी पर भोले ही भोले दिखाई दे रहे है। शिव भक्त कांवरिये जो डाक कावड़ लेकर आए हैं ।वे तीर्थ नगरी हरिद्वार में घूम कर बाबा भोलेनाथ के शिव मंदिरों के दर्शन करने के साथ-साथ गंगा स्नान कर व प्रसाद खरीदने के साथ ही गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बो की तरफ निकल रहे हैं।
इस समय हरिद्वार में 50 से 60 लाख शिव भक्त कांवरिया मौजूद है। रेलवे स्टेशन हो, पार्किंग स्थलों बस अड्डा हो सभी खचाखच भरे हुए हैं बैरागी कैंप पंत दीप पार्किंग रोडी बेलवाला पार्किंग सभी पार्किंग फुल हो चुकी है ।प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियां दिन रात मेले के ऊपर अपनी निगाह बनाए हुए हैं।

कई कई किलोमीटर लम्बा जाम
सड़कों पर लंबे-लंबे जाम लगे हुए हैं कई कई किलोमीटर लंबे जाम चल रहे हैं और यह स्थिति कल शाम तक इसी तरह चलती रहेगी। कल शाम के बाद कांवरिये कम हो जाएंगे और परसों 23 जुलाई को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अपने-अपने नगरों के शिवालियों पर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और इन शिव भक्तों ने कड़ी मेहनत कर व सैंकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा भोलेनाथ से जो मनोकामनाएं मांगी है ।
उनके पूरा हो जाने की प्रतीक्षा करेंगे। जो भोले हरिद्वार से जल लेने आ रहे हैं उनकी साइकिल व मोटरसाइकिलों पर भी केसरिया ध्वज लगे हुए हैं मोटरसाइकिल व साइकिलों को भी सुंदर तरीके से लाइटिंग लगाकर सजाया गया है लेकिन कमी एक ही है कि यह शिव भक्ति कांवरिये मोटरसाइकिल का साइलेंसर निकाल कर चलते हैं।
अपनी अपनी आस्था है लेकिन मोटरसाइकिल से साइलेंसर निकाल कर चलने की वैसे तो कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन फिर भी इन कांवरियों का इसको शौक ही कहा जा सकता है ।हरिद्वार शहर में डाक कांवड़ के प्रवेश न कर पाने पर जो डीजे पर कान फोड़ धुने बजा करती थी उनसे भी इस बार निजात मिली है ।

कल साय तक कड़ी चौकसी की आवश्यकता।
कल साय तक जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के लिये ये दो दिन अग्नि परीक्षा से कम नही है। क्योंकि यह मेले का अंतिम चरण व सबसे ज्यादा निगरानी करने का समय माना जाता है।
हरिद्वार।
कावड़ यात्रा का अंतिम चरण, तीर्थ नगरी हरिद्वार में 50 लाख से ज्यादा शिव भक्त कांवड़िए मौजूद ,चारों तरफ केसरिया परिधानों में लिपटे कांवरिये ही आ रहे हैं नजर । बाबा भोलेनाथ के जयकारो से गूंज रहा है हरिद्वार।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में सावन मास में लगने वाला कांवड़ मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है लाखों की तादाद में डाक कावड़ व जिधर निगाह दौड़ाएं उधर केसरिया परिधानों में लिपटे केवल और केवल शिव भक्त ही दिखाई पड़ रहे हैं। हरिद्वार में इस समय साक्षात स्वर्ग जैसे दर्शन हो रहे हैं हर तरफ भोले के जयकारे हैं ,और हर कोई केवल भोले की भक्ति में सरावोर दिखाई दे रहा है।

हर सड़क, शिव मंदिरों व हर की पौड़ी पर भोले ही भोले दिखाई दे रहे है।
शिव भक्त कांवरिये जो डाक कावड़ लेकर आए हैं ।वे तीर्थ नगरी हरिद्वार में घूम कर बाबा भोलेनाथ के शिव मंदिरों के दर्शन करने के साथ-साथ गंगा स्नान कर व प्रसाद खरीदने के साथ ही गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बो की तरफ निकल रहे हैं। इस समय हरिद्वार में 50 से 60 लाख शिव भक्त कांवरिया मौजूद है। रेलवे स्टेशन हो, पार्किंग स्थलों बस अड्डा हो सभी खचाखच भरे हुए हैं बैरागी कैंप पंत दीप पार्किंग रोडी बेलवाला पार्किंग सभी पार्किंग फुल हो चुकी है ।प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियां दिन रात मेले के ऊपर अपनी निगाह बनाए हुए हैं।
कई कई किलोमीटर लम्बा जाम
सड़कों पर लंबे-लंबे जाम लगे हुए हैं कई कई किलोमीटर लंबे जाम चल रहे हैं और यह स्थिति कल शाम तक इसी तरह चलती रहेगी। कल शाम के बाद कांवरिये कम हो जाएंगे और परसों 23 जुलाई को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अपने-अपने नगरों के शिवालियों पर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और इन शिव भक्तों ने कड़ी मेहनत कर व सैंकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा भोलेनाथ से जो मनोकामनाएं मांगी है ।
उनके पूरा हो जाने की प्रतीक्षा करेंगे। जो भोले हरिद्वार से जल लेने आ रहे हैं उनकी साइकिल व मोटरसाइकिलों पर भी केसरिया ध्वज लगे हुए हैं मोटरसाइकिल व साइकिलों को भी सुंदर तरीके से लाइटिंग लगाकर सजाया गया है लेकिन कमी एक ही है कि यह शिव भक्ति कांवरिये मोटरसाइकिल का साइलेंसर निकाल कर चलते हैं अपनी अपनी आस्था है।

लेकिन मोटरसाइकिल से साइलेंसर निकाल कर चलने की वैसे तो कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन फिर भी इन कांवरियों का इसको शौक ही कहा जा सकता है ।हरिद्वार शहर में डाक कांवड़ के प्रवेश न कर पाने पर जो डीजे पर कान फोड़ धुने बजा करती थी उनसे भी इस बार निजात मिली है ।
कल साय तक कड़ी चौकसी की आवश्यकता।
कल साय तक जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के लिये ये दो दिन अग्नि परीक्षा से कम नही है। क्योंकि यह मेले का अंतिम चरण व सबसे ज्यादा निगरानी करने का समय माना जाता है।

