देहरादून। देहरादून का यह पुल 1 माह पूर्व बनाया गया था और बारिश में इसका यह हाल हो गया है अब इस पुल में इतनी बड़ी खामी इतनी जल्दी क्यों देखने को मिल रही है, इसका जवाब तो जांच रिपोर्ट की लीपा पोती के बाद ही सामने आएगा, क्योंकि आम जनता का मानना है की इन पुलों के निर्माण में सड़क के निर्माण में या और भी जो कोई निर्माण सरकारी धन से होते हैं ,सरकारी धन की बंदरबांट तो उनमें होती ही है,

लेकिन अपने उत्तराखंड में कुछ ज्यादा ही बटवारा होने की सूचनाये आम जनमानस को भी मालूम है, अब जांच रिपोर्ट आने के बाद उसमें क्या खामियां निकल कर आती हैं यह तो 3 दिन के बाद ही पता चल पाएगा क्योंकि जांच रिपोर्ट तीन दिन के अंदर मांगी गई है,
इस प्रकरण को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है, अब इस गंभीरता को देखते हुए शासन और प्रशासन की तरफ से किन-किन अधिकारियों के ऊपर गाज गिरती है ,या फिर मामले की लीपापोती कर दी जाती है, हालांकि यह मामला इतना बड़ा है की इसकी लीपा पोती कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और शासन की तरफ से भी सचिव लोक निर्माण विभाग ने इस प्रकरण की जांच 3 दिन में करके रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने के आदेश दिए हैं।

