पर्दे के पीछे
जमीन से जुड़े मामले में अफसर द्वारा मदद न करने की शिकायत लेकर पहुंचे संतों की मांग पर नहीं बनी बात, मायूस होकर लौटे—हरिद्वार में चर्चाओं का बाजार गर्म, अफसर है बेहद ईमानदार
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों एक मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, हरिद्वार से जुड़े तीन फनीहर संत हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। मुलाकात के दौरान उन्होंने हरिद्वार के एक बड़े अधिकारी को लेकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी और अधिकारी के तबादले की मांग पर जोर दिया।
बताया जा रहा है कि पूरा मामला किसी जमीन से जुड़े विवाद अथवा प्रकरण से संबंधित है। संतों का आरोप था कि संबंधित अधिकारी की भूमिका को लेकर उन्हें आपत्ति है और इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। इतना ही नहीं, सूत्रों की मानें तो संत अधिकारी के स्थानांतरण की मांग को लेकर काफी गंभीर थे।
हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में तत्काल किसी तरह का आश्वासन नहीं मिलने की चर्चा है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने संतों की बात सुनी अनसुनी कर दी जरूर, इसके बाद संतों को बिना मनचाही कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हरिद्वार लौटे संतों को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आखिर वह कौन-सा जमीन से जुड़ा मामला है, किस बड़े अधिकारी को लेकर इतनी नाराजगी है और उसके तबादले की मांग के पीछे असली वजह क्या है—इन सवालों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में फिलहाल यह मामला चर्चाओं और कयासों के दौर में है, लेकिन हरिद्वार से लेकर देहरादून तक इस मुलाकात की खूब चर्चा हो रही है।

