12 Feb 2026, Thu
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“आप्रेशन प्रहार” अभियान के अर्न्तगत उत्तराखण्ड एसटीएफ के साईबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र द्वारा साईबर अपराधियों के विरूद्व विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि एसटीएफ द्वारा सााईबर अपराधियों के विरूद्व चलाये जा रहे आप्रेशन प्रहार के क्रम में जनपद उधमसिंह नगर निवासी को ऑनलाईन ट्रेडिंग करने पर अधिक लाभ कमाने का झांसा देते हुये विभिन्न बैंक खातो में करीब 82 लाख रुपये जमा करवा कर धोखाधडी की गयी ।

साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग में लाभ कमाने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी ।

विवेचना के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा अभियोग में प्रकाश में आए बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया । पुलिस टीम द्वारा तकनीकी / डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के आईसीआईसीआई बैक के लाभार्थी खाताधारक वैभव मनोज गाडगे पुत्र मनोज गाडगे निवासी हनुमान मन्दिर के पास शान्तिनगर विदर्भा हाउसिंग बोर्ड कालौनी क्वार्टर नम्बर I69 थाना शान्तिनगर जिला नागपुर महाराष्ट्रा 440002 को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की। साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त वैभव मनोज गाडगे पुत्र मनोज गाडगे की तलाश नागपुर महाराष्ट्र जाकर की गयी तथा वैभव मनोज गाडगे को साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन कुमाँयू परिक्षेत्र रूद्रपुर पर उपस्थित कराकर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

अभियुक्त व्हाटसअप के माध्यम से पीडितों को ट्रेडिंग सम्बन्धी मैसेज भेजा जाता था जिसमें स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर ऑनलाईन ट्रेंडिग में निवेश कर लाभ दिलाये जाने का भरोसा दिलाया जाता था । तत्पश्चात अलग-अलग व्हाटसप ग्रुपों में जोडा जाता था, जिनमें पूर्व से जुडे हुए लोगों द्वारा स्वयं के द्वारा निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ सम्बन्धी स्क्रीनशॉट शेयर किये जाते थे । जिससे ग्रुप में जुडे अन्य पीड़ित इनके झांसे में आकर ऑनलाईन ट्रेडिंग में कम समय में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अपनी धनराशि निवेश कर देते थे। पीडितों द्वारा निवेश की गयी धनराशि में मुनाफा दिखाने हेतु यह एक फर्जी एप का प्रयोग करते थे तथा उसके डैशबोर्ड पर पीडितों द्वारा इन्वेस्ट की गयी धनराशि को भारी लाभ के साथ दिखाया जाता था। जिससे पीड़ित को अधिक मुनाफा होने का भरोसा हो जाता था।

परन्तु स्वयं के साथ हो रही साईबर धोखाधड़ी का अंदेशा नही हो पाता था। अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र 4-5 माह में ही करोडो रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है । जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में कुल 08 साईबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड, नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साईट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अन्जान अवसरो के प्रलोभन में न आयें ।

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