देहरादून।
*एक अभियुक्त को थाना क्लेमन्टाउन क्षेत्र से किया गया गिरफ्तार*
*पकड़ा गया अभियुक्त अंतर्राष्ट्रीय वन तस्करो के गैंग को सप्लाई करता था अवैध असलहे*
*पूर्व मे भी दिल्ली से 2000 अवैध कारतूस बरामदगी मे जा चुका है जेल*
*ऑनलाइन बुकिंग लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट व कुरियर के माध्यम से महाराष्ट्र के गैंग तक सप्लाई करता था अवैध असलहे व कारतूस*
*तीन दिवस पूर्व महाराष्ट्र मे वन्य जीवों के शिकारी गैंग के सदस्यो से हुए थे भारी मात्रा मे अवैध असलहे व कारतूस बरामद*
*उत्तराखण्ड एसटीएफ खगांल रही है पकड़े गए शातिर बदमाश की कुण्डली*
देहरादून। उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक, दीपम सेठ के द्वारा उत्तराखण्ड में बदमाशों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे “विशेष अभियान” के अन्तर्गत ठोस कार्यवाही करने हेतु अपने मातहतों को कड़े दिशा-निर्देश दिये गये हैं जिसके अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा अपनी सभी टीमों को उत्तराखण्ड़ मे निवास कर रहे बाहरी वांछित बदमाशों ,गैंगस्टर पर कड़ी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

जिसके अनुक्रम में एसटीएफ उत्तराखंड को महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच पुलिस ने सूचना दी कि जनपद यवतमाल महाराष्ट्र के थाना यवतमाल सिटी मे पंजीकृत मुकदमा आर्म्स एक्ट, 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट पंजीकृत किया था जिसमे 2 शातिर वन्य जीव तस्करो की गिरफ्तारी की गई थी जिनसे एक- 22 कैलीबर की राइफल, एक -177 कैलीबर एयर गन, एक- डबल बोर पोट गन, एक -32 रिवाल्वर, एक- क्रॉसबो हंटिंग ट्रेजर ट्रिगर गार्ड के साथ , 05- कारतूस 12 बोर, 50- जिन्दा कारतूस , 85- जिंदा कारतूस, 0.22 कैलिबर के 90 जिंदा कारतूस, कार्ट्स -5ए.22 इन रिनफायर लॉन्ग राइफल बॉल इंडियन गोला बारूद , स्टील और तांबे के 30 जिंदा कारतूस , 30 जिंदा कारतूस , एक- मिलिट्री रंग की बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद हुए थे।

