हरिद्वार जनपद में स्थित फार्मा कंपनियां में अधिकांश में सब स्टैंडर्ड दवाइयो का उत्पादन होता है भगवानपुर व हरिद्वार में कई फार्मा कंपनियों में यह सब स्टैंडर्ड दवाइयां उत्पादित होती हैं और यह दवाइयां यहां से दिल्ली भेज दी जाती हैं उसके बाद यह फिर लौट कर हरिद्वार आसपास के जनपदों में व पूरे उत्तराखंड में मरिजो को बेच दी जाती । इस कारोबार में करोड़ों के वारे न्यारे जहां फार्मा कंपनियां करती हैं वहीं मेडिकल स्टोर भी मोटी रकम कमा रहे हैं पिस रहा है तो मरीज पिस रहा है क्योंकि मरीज को जो दवाइयां डॉक्टर लिखकर देते हैं वह दवाइयां इतनी कारगर साबित नहीं होती हैं जितना लाभ मरीज को होना चाहिए मरीज के साथ इस खिलवाड़ का पूरा प्रकरण ड्रग विभाग को रहता है।

हरिद्वार के ही एक मेडिकल स्टोर संचालक का कहना है कि जब तक यह सब स्टैंडर्ड दवाइयां बननी बंद नहीं होगी तब तक मरीज के साथ इसी तरह से लूट होती रहेगी और मरीज स्वस्थ होने की बजाय और अस्वस्थ होता चला जाएगा। इस मेडिकल स्टोर वाले का कहना है इस सब गोरख धंधे की जानकारी ड्रग विभाग को रहती है लेकिन इन फार्मा कंपनियों पर कभी रेड नहीं पड़ती है केवल कुछ मेडिकल स्टोर वालों को जो नशीली दवाइयां इंजेक्शन बेचते हैं साथ ही जिनके पास लाइसेंस भी नहीं है उन्हीं को पड़कर अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली जाती है

