देहरादून ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के साथ सम्मान जनक तरीके से बात करते है। आपके इन मंत्री जी को ट्रेनिंग की आवश्यकता है, धामी जी
देहरादून जनपद के कर्तव्य निष्ठ और ईमानदार जिला अधिकारी सविन बंसल को, गणेश जोशी कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार ने उस समय हड़काना शुरू कर दिया जब वे देहरादून में आई, आपदा के बाद दौरा कर रहे थे और आपदा ग्रस्त क्षेत्रो का निरीक्षण कर छतिग्रस्त इलाकों को शीघ्र ठीक करने के आदेश अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दे रहे थे उसी समय मंत्री जी मिल गए और मंत्री जी ने अपना रोब ग़ालिब करना शुरू कर दिया ।और इतना भी बता दिया कि मुख्यमंत्री ने मेरा फोन उठा लिया कमिश्नर ने उठा लिया और न जाने किस किस ने उठा लिया , लेकिन तुमने क्यों नहीं उठाया, अब जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वहां काम में लगे हुए थे बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर रहे थे किसको क्या परेशानी है यह देख रहे थे और परेशानियों को दूर करा रहे थे , ऐसे में मंत्री का फोन उठाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो गई हो। तो इस पर मंत्री जी सविन बंसल पर राशन पानी लेकर चढ गए।

सविन बंसल ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी है।मंत्री जी की ईमानदारी व समाज सेवा से पूरा राज्य वाकिफ है।
सविन बंसल एक ईमानदार आईएएस अफसर हैं और मंत्री जी को तो पूरा राज्य ही जानता है। उनपर ईमानदारी के कितने आरोप लगे हुए हैं। उसके बावजूद भी मंत्री जी अपनी हनक में रहते हैं। लेकिन मंत्री जी को यह नहीं पता है कि मंत्री जी आप तो दो चार पांच साल के मंत्री हैं सविन बंसल को 30, 40 साल की नौकरी तो आराम से करते रहेंगे। और उनका प्रमोशन होता ही रहेगा ।आपके प्रमोशन की मंत्री जी कोई गारंटी नहीं है ।लिहाजा ईमानदार अधिकारियों से लहजे में बात किया करें। भ्रष्ट्र अधिकारियों के साथ आप कोई बर्ताव करें लेकिन ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ अधिकारियों के साथ थोड़ा संभल के बोला करें, क्योंकि आपके दामन पर भी कई सारे दाग लगे हुए हैं ।जिनकी धुलाई और सफाई राज्य सरकार कर रही है।
जिस दिन आपके ऊपर लगे आरोपों की जांच हो गई, तो मंत्री जी यह जांच भी यही अधिकारी करते हैं, और इनकी याददास्त बहुत ज्यादा तीव्र होती हैं। यह अधिकारी और खासकर वह अधिकारी जो ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ हो। भ्रष्टाचारी तो आपसे डर सकते हैं वह तो आपके आगे पीछे जी हजूरी करते रहेंगे ।लेकिन ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ अधिकारी आपसे बिल्कुल डरने वाले नहीं है ।वह तो अपना काम करते ही रहेंगे उन्हें यहां भी अपना काम करना है। और दूसरी जगह जाकर भी अपना काम करना है। कहीं भी भिजवा दिजिये वह तो अपना काम इमानदारी से ही करेंगे। तो लिहाज मंत्री जी थोड़ा संयम बरता कीजिए।

