हरिद्वार। हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर पर रविवार के दिन हुई भगदड़ के बाद आठ लोगों की मृत्यु व 29 लोग घायल होने के पीछे असली जिम्मेदार कौन है इसकी भी गुप्तचर इकाइयां खोज कर रही हैं ।बताया जाता है की मनसा देवी मंदिर पर एक दुबे जी हैं, यह दुबे जी बिहार से पधारे हैं और मनसा देवी के अध्यक्ष श्री रवींद्र पुरी जी महाराज के बहुत ही निकट और धनिष्ठा शिष्य हैं, इसी कारण दुबे जी की मनसा देवी पर पूरी दादागिरी कहा जाए तो काम नहीं होगा , वह चलती है इन दुबे जी को अधिकारियों के साथ फोटो खींचने का भी काफी शौक है, दुबे जी रिवाल्वर टांग कर रखते हैं, पता नहीं कब कहां जरूरत पड़ जाए, अब भगवान जाने मां मनसा देवी के मंदिर पर कौन आ रहा है या किसको गोली से उड़ाना है जो यह दुबे जी रिवाल्वर टांगे डोलते हैं, यह रिवाल्वर दुबे जी को हरिद्वार के तत्कालीन जिलाधिकारी रहे दीपक रावत जी द्वारा स्वीकृत की गई थी दुबे जी का असली कार्य तो वैसे प्रतिमाह अधिकारियों के यहां प्रसाद और माता रानी की चुनरी पहुचाने का काम है जो हर महीने दुबे जी बहुत ही निष्ठा से करते हैं।

इसी की एवज में दुबे जी मनसा देवी के तमाम कर्मचारियों पर अपनी हुकूमत चलाते हैं ,जो इच्छा हो वह काम दुबे जी वहां करते हैं रविवार के दिन भी घटना के समय अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि दुबे जी ही गेट बंद कर रहे हैं और खोल रहे थे जिस कारण यह हादसा हुआ है। यह जांच का विषय है, दुबे जी ने हरिद्वार में काफी संपत्ति भी जमा कर ली है।यह सारी अनुकंपा मां मनसा देवी के मंदिर से ही दुबे जी के ऊपर हुई है क्योंकि जब दुबे जी बिहार से आए थे तो मात्र दो जोड़ी कपड़ो में आए थे और गार्ड की नौकरी पर लगे थे। लेकिन मनसा देवी की ऐसी अनुकम्पा हुई की दुबे जी अब मंशा देवी मंदिर पर तीसरे नंबर के अधिकारी हैं पहले नंबर पर रविंद्र पुरी जी दूसरे नंबर पर नारियल वाले शर्मा जी और तीसरे नंबर पर दुबे जी बाकी सब इन तीनों के नीचे ही काम करते हैं और इन तीनों के आगे पीछे जी हजूरी करते है।

