25 May 2026, Mon

पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ ही तीर्थ नगरी हरिद्वार में कथाओं का दौर शुरू

श्री यंत्र मंदिर कनखल में श्रीमद् भागवत कथा शुरू

पुरुषोत्तम मास सभी मासों में सर्वश्रेष्ठ- महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज

पुरुषोत्तम मास में गंगा स्नान और श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से कई गुना फल मिलता है ,आचार्य नीरज जोशी

हरिद्वार।

पुरुषोत्तम मास के आज शुरू होने के साथ ही तीर्थ नगरी हरिद्वार में एक महीने तक चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा और गंगा स्नान का दौर शुरू हो गया है।

हरिद्वार एवं कनखल के विभिन्न आश्रम धर्मशालाओं मंदिर और मठों में विभिन्न कथावाचक कथा व्यास की पीठ पर बैठकर श्रीमद् भागवत का श्रवण कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में तीर्थ नगरी हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, और पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा और गंगा स्नान से मिलने वाला फल कई गुना बढ़ जाता है।

इसी क्रम में आज धर्मनगरी कनखल में श्री यंत्र मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कुमाऊँनी वेशभूषा में 108 महिलाओं ने कलश यात्रा शुरू की जो श्री यंत्र मंदिर से शुरू होकर गंगा घाट पर पहुंची और वहां से जल भरकर महिलाएं कथा स्थल पर आई और 108 कलशों की स्थापना की गई।

इस अवसर पर गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, पितरों का पूजन किया गया। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।

कथा व्यास पीठ के आचार्य पंडित नीरज जोशी ने श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया और उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा करने और श्रवण करने का पुरुषोत्तम मास में विशेष महत्व बताया। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान हेमचंद्र जोशी, प्रकाश चंद जोशी और रमेश चंद जोशी एवं जोशी परिवार हैं।

श्रीमद् भागवत कथा में उमा जोशी, मालती जोशी, गुंजन जोशी, हर्षित जोशी, भावेश पंत,कमल पंत,पीयूष तिवारी, विशाल शर्मा, योगेश पांडे आदि का विशेष सहयोग रहा है।

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर एवं भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य, श्रीमद् भागवत कथा श्रवण एवं गंगा स्नान का विशेष महत्व है।

भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी ने बताया कि आज पुरुषोत्तम मास का शुभारंभ हो चुका है और पुरुषोत्तम मास में परिवार सहित श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने और गंगा स्नान करने का बहुत महत्व है और पुरुषोत्तम मास में इसका पुण्य फल कई गुना प्राप्त होता है।

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