
हरिद्वार।
योग गुरु बाबा रामदेव व सांसद कंगना रनावत का विवाद समाप्त, रामदेव ने रक्षाबंधन को कंगना रनावत को मिष्ठान व उपहार भेजे थे, जिसे कंगना ने स्वीकार करते हुए इस विवाद को समाप्त कर दिया है,
योग गुरु बाबा रामदेव व कंगना रनावत के बीच मात्र एक गलतफहमी को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ा की चैनल वालों को मसाला मिलने लगा,
कंगना रनावत द्वारा जंतर मंतर दिल्ली में हड़ताल पर बैठी छात्राओं को गटर नाम से संबोधित किया था, इस बात को बाबा रामदेव से एक चैनल के रिपोर्टर ने जब पूछा तो बाबा रामदेव ने कहा था कि उनकी जवानी कैसी रही है, और वह 16 साल की उम्र से क्या रही है ,
उसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया लेकिन योग गुरु बाबा रामदेव ने बड़प्पन दिखाते हुए रक्षाबंधन के दिन कंगना रनावत को मिठाई व बहन को दिए जाने वाले उपहार स्वरूप कुछ पांच पांच सौ के नोट एक लिफाफे में रखकर उनके पास भिजवाये थे, कंगना रनावत ने भी यह मिठाई और उपहार स्वीकार करते हुए बाबा रामदेव को अपना बड़ा भाई बताया और इस विवाद को समाप्त कर दिया है।
यह विवाद समाप्त हो जाने के बाद भारत वर्ष में इस बार रक्षाबंधन के त्यौहार ने एक बार फिर साबित कर दिया है की आपस की कटुता को सौहार्दपूर्ण तरीके से ही समाप्त किया जा सकता है, यदि दोनों पक्ष समझदार हो ।

