11 Jun 2026, Thu
Breaking

विश्व रेडक्रॉस एवं रेडक्रिसेंट दिवस के उपलक्ष्य में इंडियन रेडक्रॉस द्वारा प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण चिकित्सा शिविर एवं संगोष्ठी का आयोजन

हरिद्वार 08 मई 2026। इंडियन रेडक्रॉस के तत्वाधान में विश्व रेडक्रॉस एवं रेडक्रिसेंट दिवस के उपलक्ष्य पर जिलाधिकारी/अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस मयूर दीक्षित के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्साधिकारी/उपाध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस डॉ. राजेश कुमार सिंह के मुख्य संयोजन एवं इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी के संयोजन तथा नेतृत्व मे प्राथमिक उपचार (सी.पी.आर.) प्रशिक्षण संगोष्ठी एवं चिकित्सा शिविर श्रीराम विद्या मंदिर श्यामपुर में आयोजित किया गया। आयोजन का शुभारंभ सीनियर (डिवीजन) सिविल जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिमरनजीत कौर एवं इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमेन डॉ. नरेश चौधरी ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रवज्जलन कर किया।

सिविल जज सिमरनजीत कौर ने कहा कि विश्व रेडक्रॉस दिवस के दिन इंडियन रेडक्रॉस ने प्राथमिक उपचार विशेष कर सी.पी.आर. (कार्डियोपल्मोनरी रिसियेशन) दिल की धमनी को पुनः चालू करना के प्रति प्रशिक्षण देकर जागरूकता अभियान की सराहनीय पहल है जिससे प्रशिक्षणार्थी अपने-अपने जीवन काल में जरुरतमंदो को स्वर्णिम समय में प्राथमिक उपचार देकर उनके बहुमूल्य जीवन को बचाने में सक्रिय सहभागिता कर सकेंगे। सिमरनजीत कौर ने प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहयोग की विस्तृत जानकारियां दी साथ ही साथ प्रतिभागियों को साइबर अपराध के प्रति एवं छात्र-छात्राओं को मोबाइल के दुरुपयोग से बचने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया।

इंडियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन डॉ. नरेश चौधरी ने सभी 1200 प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण देते हुए रेडक्रॉस के उददेश्यों, महत्व, सिद्धान्तों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। डॉ. नरेश चौधरी ने वर्ष 2026 का “THEME (थीम)UNITED IN HUMINITY”, मानवता के लिये एकजुट होना विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि हम सभी को एकजुट होकर मानव सेवा करने के लिये हमेशा तत्पर रहना है जब भी मौका मिले बढ़- चढ़कर अग्रणीय होकर समाज में समर्पित मानव सेवा करनी है। डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि जो पुण्य जरुरतमंदों को आकस्मिक सहायता देने से प्राप्त होता है वह अतुलनीय है। डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि श्यामपुर क्षेत्र आपदा की दृष्टि से एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रति संवेदनशील है इसलिये जो प्रतिभागी प्रशिक्षित होकर फर्स्ट मेडिकल रेस्पोन्डर बने हैं। वह अपने- अपने क्षेत्र में जन जागरण अभियान चलायेंगे एवं समाज में प्राथमिक उपचार देने के लिए भी हमेशा उपलब्ध रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

error: Content is protected !!