हरिद्वार । जनपद में चल रही फार्मा कंपनियां व मेडिकल स्टोर पर क्या-क्या गुल खिलाए जा रहे हैं यह बात हरिद्वार का ड्रग विभाग यदा कदा खोलता रहता है पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने एक फैक्टरी पर छापा मारा तो वह फैक्ट्री जूस बना रही थी जूस बनाने का ही उसके पास लाइसेंस था या नहीं था लेकिन बना रही थी वह फैक्ट्री दवाइयां यह देखकर खुद अनीता भारती भी चकित रह गई और उस दवा कंपनी को जो जूस के नाम पर दवाई बना रही थी।
उसको बंद कराया गया इससे पूर्व भी एक फैक्ट्री जिसको नशीली दवाई बनाने के आरोप में सील किया जा चुका था और वह फैक्ट्री सील पड़ी हुई थी लेकिन वह सील नहीं थी उसके अंदर बाकायदा काम चल रहा था और दवाई बनाई जा रही थी उस पर भी अनीता भारती ने दोबारा छापा मारा था और उसको दवाई बनाते हुए व पैकिंग करते हुए पकड़ा था ।

इसके बाद हरिद्वार के सीएमओ साहब ने हरिद्वार की कई लैब पर जहां खून ,मल मूत्र और सभी चीजों का चेकप होता है उन पर छापा मार कर करीब एक दर्जन नामी लैब को पकड़ा था जो नियमों के विरुद्ध कार्य कर रही थी उनके ऊपर जुर्माना लगा दिया गया था। यह लैंब जुर्माना अदा करने के बाद फिर से अपने इस कारोबार में लग गई है।
रानीपुर मोड़ पर स्थित एक मेडिकल स्टोर जिसकी एक फार्मा कंपनी भी है उस पर पूरे दिन छापा चला लेकिन शाम को पता चला कि उनके पास से तो कुछ मिला ही नहीं जबकि उस मेडिकल स्टोर वाले की और उसकी फार्मा कंपनी की किसी ने बहुत ही गोपनीय तरीके से और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ शिकायत की थी लेकिन हुआ कुछ नहीं।

उससे पूर्व सिडकुल में ही एक सबसे नामी फार्मा कंपनी जिसने एक कंपनी से इतनी कमाई की के कई कम्पनियों का मालिक बन गया है।इनको उत्तराखंड का फार्मा किंग कहा जा सकता है। इनके यहां भी दिल्ली से आई टीम ने करीब चार दिन तक छापेमारी कर दस्तावेज और दवाई बनाने की केमिकल्स को खंगाला था लेकिन बताया कुछ नहीं गया की 4 दिन में मिला क्या है।
और यह फार्मा कम्पनी आज भी धडल्ले से चल रही है ।और जिस मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया था वह भी धड़ले से मूंछों पर ताव देकर फिर से अपने कारोबार में लगा हुआ है। तो आखिर आप खुद समझ सकते हैं कि इन लोगों के हाथ कितने लम्बे है।

और इनकी पहुंच कितनी ऊपर तक है कि ड्रग इंस्पेक्टर चाहे छापा मार ले या कोई और छापा मार ले होने वाला इनका कुछ नहीं है क्योंकि यह हर रास्ते को सुगम बनाने के माहिर है।कारण इस देश का स्वास्थ्य मंत्रालय कुम्भकर्ण वाली नींद में रहता है।कुम्भकर्ण भी छह महीने में तो जाग जाता था।लेकिन स्वस्थ मंत्रालय की नींद तो टूटने का नाम ही नही ले रही है।

