16 Jun 2026, Tue
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टिहरी फेस्टिवल ने साबित की उत्तराखंड की क्षमताः राज्यपाल

पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेल के बडे़ संदेश देने की सराहना

अपने संस्मरणों से खींची महिला सशक्तिकरण की तस्वीर

टिहरी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि ‘द टिहरी लेक फेस्टिवल’ के जरिये पर्यावरण, बारामासी पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेल से जुडे़ बडे़ संदेश देश-दुनिया तक पहुंचे हैं। इसने न सिर्फ टिहरी, बल्कि पूरे उत्तराखंड की क्षमता को साबित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

‘द टिहरी लेक फेस्टिवल’ के तीसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर पहुंचे राज्यपाल ने आयोजन की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि चार दिन में 15 से अधिक प्रतियोगिताएं और उनमें साढे़ तीन हजार प्रतिभागियों की उपस्थिति उत्साहित करने वाली है। पहली बार आयोजन का दायरा बढ़ने और इसमें विभिन्न विषयों के समावेश को उन्होंने खास तौर पर रेखांकित किया।

चार संस्मरणों से महिला शक्ति का बखान

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के आलोक में राज्यपाल ने अपने संबोधन के एक बडे़ हिस्से को महिलाओं पर केंद्रित किया। उन्होने कहा-पहाड़ की बेटियों के लक्ष्य बहुत ऊंचे हैं। वह बेहद मजबूत और दृढ़ इच्छा शक्ति वाली हैं। उन्होंने चार संस्मरणों के जरिये दिलचस्प ढंग से महिला शक्ति का बखान किया।

राज्यपाल ने पहला संस्मरण एनसीसी कैडेट से संबंधित साझा किया। उन्होंने बताया-देहरादून के एक कार्यक्रम में नौवीं कक्षा की एनसीसी कैडेट से जब उन्होंने उसका लक्ष्य पूछा, तो उसने कहा-वह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनेगी।

टेक्निकल यूनिवर्सिटी में एआई आधारित काॅम्पिटशन की प्रतिभागी बेटी से मुलाकात का राज्यपाल ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस बेटी ने मुझसे कहा-आई लव टेक्नाॅलाजी। साफ संकेत है-हमारी बेटियां तकनीक की अहमियत समझ रही हैं।

राज्यपाल ने अपने पहले विजिट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह अपने पहले विजिट में एक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिले थे, जो नौ तरह का पहाड़ी लूण बनाती हैं। यह लूण न्यूयार्क और लंदन में भी बिकता है।

राज्यपाल ने अल्मोड़ा की मशरूम उत्पादक महिला की भी चर्चा की और बताया कि वह 25 हजार रूपये महीना कमाती थी। मैने छह महीने में एक लाख कमाने की अपेक्षा की, जो उसने पूरी कर दी। अब उससे एक करोड़ सालाना कमाई की अपेक्षा है।

जल, जंगल, जमीन, टिहरी सारे विषयों को छुआ

राज्यपाल ने जल, जंगल, जमीन से लेकर टिहरी के इतिहास और यहां से जुड़ी तमाम बातों को अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने पहाड़ के खाद्य पदार्थों, व्यंजनों, श्री अन्न को भी अपने भाषण की विषय वस्तु बनाया।

हिमालयन ओ टू और छुंई बाथ की खास चर्चा

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने आयोजन के साथ हिमालयन ओ टू जोड़े जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का इससे बड़ा कोई संदेश नहीं हो सकता। छुंईं बाथ जैसे कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें हुई चर्चाओं को किताब रूप में संकलित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने हिमालयी सरोकारों के लिए विधायक किशोर उपाध्याय की भी तारीफ की।

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