हरिद्वार ।
नाग देवता की पूजा करने का 1 वर्ष में सावन माह में नाग पंचमी का दिन आता है , इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है।
लेकिन वे लोग क्या करें जो एक दिन नहीं पूरे 10 वर्ष तक नाग देवता को पालते रहे ,और उस नाग ने उन्हें ही डस लिया हो, हालांकि कई साथियों ने आगाह किया था।

की हजूर आप जिस नाग को पाल रहे हैं, वह एक दिन आपको ही डंक मारेगा लेकिन मेरे दिमाग में यह बात उस समय तो नहीं आई लेकिन बाद में धीरे-धीरे आनी शुरू हुई तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हालांकि जिन नाग देवता को मैं 10 वर्षों से खिला पिला रहा था, उनके ही कुछ साथियों ने मुझे यहां तक कहा था की मान्यवर आपको यदि पालने का ही शौक है तो कुत्ता पाल लेते वह बहुत वफादार होता है लेकिन आपने साँप को पाला है।

और वास्तव में उन लोगों की बात सत्य हुई और उस नाग जिसको मैं पिछले 10 वर्षों से पाल रहा था उसने ही मुझे डंक मारा , अब जाकर समझ आया कोई अपनी प्रवृत्ति नहीं छोड़ सकता
इसका एहसास तो होना ही चाहिए लेकिन मैं तो फिर भी यही दुआ करूँगा की हे नागराज जिस तरीके से मुझे डसा है किसी और को इस तरीके से मत डसना , क्योंकि इस नाग को खाने पीने व खिलाने पिलाने वाले को ही डंक मारने का चस्का लग चुका है।

हालांकि डंक तो मुझे डंक मारने की प्रवृत्ति वाले कई बिच्छु डंक मार चुके हैं, लेकिन जब अपना पालतू डंक मारता है तो हैरानी तो होती ही है।
हर बार छला जाता हूं, फिर भी छलियों के चक्कर में आ जाता हूं, शायद छला जाना मेरी नियति बन चुकी है।

