हरिद्वार । अब तक तो आप समझ गए होंगे की लुच्च बड़ा परमेश्वर से, बड़े बुजुर्गों की कहावत है की लुच्चा भगवान से भी बड़ा होता है।
लुच्चे से किनारा कर लेना चाहिए जब आप समझे कि वह नंगई के किसी भी स्वरूप को अपना सकता है, स्वामी जी आपने तमाम लोगों को योग सिखाया है, यह जरूरी नहीं है कि सब लोग आपका योग सीखें कुछ लोग योग सीखते सीखते भोग भी सीख लेते हैं।
आप उन पर अंकुश नहीं लगा सकते आप उन पर अंकुश लगाएगे तो आप अपने ही सम्मान पर झूठे प्रश्नचिन्ह लगवायेगे किस-किस को सफाई देंगे जब तक लोग आपकी बात को समझेंगे तब तक तो बहुत देर हो चुकी होगी।
बड़े बुजुर्गों की जो कहावत है कि लुच्चा परमेश्वर से भी बड़ा होता है यह बिल्कुल सही है, की लुच्चा ही सर्वोपरि है और उससे किनारा करते रहिए लेकिन जब मौका मिले तब उसे और उसकी मंडली को उनकी औकात और अपनी हैसियत अवश्य बता दीजिए।

