22 Jul 2026, Wed

कड़ी मेहनत व पढ़ाई करके भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होने पर , जनता की सेवा व जनता की समस्याओं को हल करने के लिए ही जनपदों में पोस्टिंग पाते हैं युवा आईएएस अफसर।

देहरादून। लेकिन वर्तमान मे कुछ युवा IAS आते ही जनता की सेवा व समस्याओं को दूर करने की बजाय नेताओं की गणेश परिक्रमा में ज्यादा समय व्यतीत करते हैं। जबकि कुछ ऐसे भी आईएएस IPS अधिकारी हैं जो अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा व लगन से पालन करते हैं।

उन्हें किसी भी नेता की या मंत्री की गणेश परिक्रमा करने की कोई आवश्यकता ही नहीं होती है, और ना वह इनकी परवाह करते हैं इसकी जीती जागती मिसाल उत्तराखंड के देहरादून जनपद में जिलाधिकारी रहे, सवीन बंसल को माना जा सकता हैं।

Savin banshl ias

सवीन सवीं बंसल ने देहरादून का जिलाधिकारी रहते हुए किसी भी मंत्री या नेता की गणेश परिक्रमा नहीं की उन्होंने केवल अपने काम से मतलब रखते हुए ,जनता की सेवा व जनता की समस्याओं से और शहर की समस्याओं से ही मतलब रखा, साथ ही अपने अधीनस्थ निकम्मे कर्मचारियों के नट बोल्ट कसने में भी उन्हें कोई गुरेज नहीं होती थी,

आज उनकी आवश्यकता केंद्र सरकार को हुई है और वह केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं ,ऐसा नहीं है कि वह अकेले ही प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हो और भी कई IAS व आईपीएस केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाते रहते है।

उत्तराखंड में ऐसे अधिकारी भी हैं जो वास्तव में अपने कर्तव्य का निष्ठा पूर्वक ईमानदारी से पालन करने के लिए अलग से जाने जाते हैं, लेकिन ऐसे अधिकारियों की संख्या उंगलियों पर गिनने लायक है।

क्योंकि अब समय परिवर्तनशील है इतना परिवर्तन आया है के ज्यादातर अधिकारी मंत्रियों कि व मुख्यमंत्री की गणेश परिक्रमा करने में ही अपनी भलाई समझते हैं, या उन असरदार अधिकारियों की गणेश परिक्रमा करने में अपनी कुर्सी बचा ले जाते हैं जो सत्ता के बहुत ज्यादा करीब असरदार अधिकारी होते हैं।

जहां आईएएस आईपीएस अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा पूर्वक करते दिखाई देते हैं, वहीं अधिकांश युवा IAS,IPS आते ही माल बटोरने में लग जाते हैं ,उनको बिल्कुल सब्र नहीं है कि अभी तो 30 , 35 साल की नौकरी है ,काफी समय मिलेगा माल बटोरने के लिए लेकिन उनको किसी तरीके का सब्र नहीं है ,आते ही माल बटोरने के कीर्तिमान स्थापित करने शुरू कर देते हैं।

इसकी जीती जागती मिसाल उत्तराखंड के ही वरुण चौधरी IAS को माना जा सकता है ,जो हरिद्वार में नगर निगम के नगर आयुक्त रह चुके हैं। उन्होंने 54 करोड़ का खेल कर हरिद्वार में कीर्तिमान स्थापित किया हैं, माल बटोरने में लड़के ही आगे नही हैं , IAS,IPS महिलाएं भी पीछे नही हैं।

वरुण चौधरी ias

लेकिन सवीन बंसल जैसे आईएएस अधिकारी एक मिसाल जरूर है ,अन्य अधिकारियों के लिए और नेताओं के लिए।ऐसा नही है के अकेले सवीन बंसल ही ईमानदार हैं, और भी कई अधिकारी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी सेवाएं दे रहे हैं।लेकिन इस तरह के ईमानदार अधिकारी थोडे कड़क मिजाज होते हैं, जनता के प्रति नही ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!