22 Jul 2026, Wed

मुख्यमंत्री ने चटनी पीसी और रोटी बनाई

चम्पावत, 05 जुलाई

मुख्यमंत्री ने ₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का किया शिलान्यास कर कहा— “शारदा तटबंध आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनेगा”

सेवा पखवाड़ा के तहत लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टाल: लाभार्थियों ने उठाया लाभ

जनपद चम्पावत के बूमघाट में रविवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक टीका, पटका, कुमाऊँनी टोपी, पुष्पवर्षा तथा छोलिया नृत्य के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन समितियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, खिरद्वारी जनजाति समूह, व्यापार मंडल, कृषक बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लगाए गए विभागीय स्टॉलों का भी व निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर मुख्यमंत्री ने योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी एवं चटनी तैयार की, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सहज एवं सरल व्यवहार ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर में निक्षय योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माँ शारदा नदी लाखों परिवारों के जीवन एवं आजीविका का आधार है। “जहाँ जल होता है, वहीं जीवन होता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें माँ पूर्णागिरि धाम आने का अवसर मिलता है, यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं बपर्यटन की नई पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।

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