हरिद्वार। साथ ही हरिद्वार सीट पर ही भाजपा के भी कुछ युवा प्रत्याशी मैदान में आने को तैयार बैठे हैं , लेकिन पाँच बार के विधायक का टिकट कौन काटेगा यह बताने को कोइ तैयार नही है।
विगत 5 वर्षों से हरिद्वार विधानसभा सीट से विधायक चले आ रहे मदन कौशिक दो बार पूर्व में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, जबकि वर्तमान में भी वे कैबिनेट मंत्री के पद पर आसीन हैं।

अशोक शर्मा
मदन कौशिक को चुनाव मैनेजमेंट का एक तरीके से बेताज बादशाह माना जाता है, मदन कौशिक से बढ़िया चुनाव मैनेजमेंट शायद ही कोई नेता कर पता हो।
लेकिन इस बार मदन कौशिक को चुनाव में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, करीब 19 हजार वोट मतदाता सूची से गायब हो जाने के बाद अब हरिद्वार विधानसभा में एक लाख 6 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग 2027 के विधानसभा चुनाव में करेंगे ।
हरिद्वार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि यह 19 हजार वोट माननीय मंत्री मदन कौशिक जी के ही खाते से कम होंगे, इसीलिए कांग्रेस के तमाम नेता हरिद्वार विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने का मन बना रहे हैं।
कांग्रेस के नेता ही नहीं बीजेपी के भी कुछ युवा प्रत्याशियों ने अपनी ताल ठोकनी शुरू कर दी है इस बार बीजेपी की तरफ से उज्ज्वल पंडित जो तीर्थ पुरोहित हैं वे मजबूती के साथ अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

Soome tyagi
जबकि कांग्रेस की तरफ से हरिद्वार से सबसे शीर्ष पर अशोक शर्मा का नाम है, उसके बाद सोम त्यागी ,अमन गर्ग व मनोज सैनी टिकट की दावेदारी पेश करेंगे,
इनमें से हरिद्वार का टिकट किसके हाथ लगता है यह तो हाई कमान को मालूम होगा लेकिन इतना जरूर है कि यदि टिकट वितरण में प्रीतम सिंह की थोड़ी बहुत भी चली तो अशोक शर्मा टिकट प्राप्त करने में कामयाब हो सकते हैं।
क्योंकि अशोक शर्मा के एक आका है जो अशोक शर्मा को टिकट दिलाने के लिए जाने जाते हैं , हरिद्वार विधानसभा सीट पर 1लाख 6 हजार मतों में यदि जातीयों के अनुसार मतों का आकलन किया जाए तो इस सीट पर करीब 15 हजार वोट ओबीसी है, व करीब 12 से 15 हजार वोट वैश्य समाज के 20 से 25 हजार वोट ब्राह्मण समाज के और 20 से 25 हजार वोट ही पंजाबी समाज के हैं ।

अमन गर्ग
बाकी के मतों में अन्य जातियां हैं जिसमें पर्वतीय ,ठाकुर त्यागी , राजपूत मतदाता होने के साथ ही अखाड़ों व आश्रमों में रहने वाले साधू संतो के बोट हैं ।
हरिद्वार विधानसभा सीट पर साधु संतों के मतों की अच्छी खासी भूमिका चुनावो में रहती है, हरिद्वार चुनावों में ज्यादातर साधु संतों के आश्रम अखाड़े ही प्रत्याशियों के लिए हार जीत का निर्णायक होते हैं।
जिसमें जूना अखाड़ा निरंजनी अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़ा बड़ा अखाड़ा हरिहर आश्रम जयराम आश्रम के अलावा काफी अखाड़े और आश्रम इस विधानसभा सीट पर आते हैं, इन सभी अखाड़ों आश्रमों का वोट भी एक मुस्त किसी एक प्रत्याशी को प्राप्त नहीं होता है।
क्योंकि कुछ अखाड़े आश्रमो का कांग्रेस की तरफ झुकाव रहता है , तो अधिकांश अखाड़े आश्रमों का झुकाव भाजपा की और हमेशा से ही रहता है ।

मनोज सैनी
लेकिन इस बार राम मंदिर प्रकरण हरिद्वार में क्या गुल खिलाएगा यह तो 2027 के मतदान के बाद ही पता चलेगा लेकिन 19 हजार मतों का नुकसान हो जाने के बावजूद भी मदन कौशिक अपनी विजय के लिए पूर्णतया आस्वस्त है।
मदन कौशिक के सामने जो भी कैंडिडेट चुनाव लड़ेगा उसको कम से कम दो से लेकर 4 करोड रुपए का प्रबंध तो पहले ही करना पड़ेगा, और टिकट प्राप्त करने के लिए भी अगर कांग्रेसियों को ऊपर कोई चढ़ावा या पार्टी फंड देना पड़ा तो उसके लिए अशोक शर्मा ,सोम त्यागी व अमन गर्ग की दावेदारी ज्यादा मजबूत हो सकती है ।
लेकिन मनोज सैनी भी पिछले काफी समय से शहर में घूम-घूम कर शहर की नवज टटोल रहे हैं ,पहले मनोज सैनी लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का विचार कर रहे थे, लेकिन जब वह लक्सर क्षेत्र का भ्रमण करके आए तो उनको सबसे उपयुक्त हरिद्वार विधानसभा सीट ही लगी है।
अब देखना है की कॉंग्रेस का टिकट किसको मिलता है और कौन बीजेपी प्रत्याशी के सामने मैदान मे उतरता है।

