नई दिल्ली। प्रियंका गांधी को सोनिया गांधी को आगे लाना ही होगा ,अन्यथा बीजेपी सत्ता में बनी रहेगी, भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाकर कांग्रेस यदि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाकर पेश करती है और यह सोचती है की संपूर्ण विपक्ष कांग्रेस के साथ आ जाएगा और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आसानी से बनवा दिया जाएगा ।

ऐसा नहीं है यदि संपूर्ण विपक्ष तैयार होगा तो प्रियंका गांधी के नाम पर तैयार होगा , और मतदाता भी प्रियंका गांधी के नाम पर उनके फेस पर उनकी संसद में बहुत ही शालीनता के साथ जनता से जुड़ी हुई बातों को रखने का जो अंदाज है, उस पर आम जनमानस ही नहीं सत्ताधारी भाजपा के लोग भी दबे स्वर में प्रियंका गांधी की तारीफ करते हैं।
लेकिन राहुल गांधी कितनी भी मेहनत कर ले प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने का योग उनके भाग्य में नहीं है, बहन मायावती बिल्कुल शांत बैठी हुई है, और यह बात अब किसी से छुपी हुई नहीं है की बहन जी किसके लिए काम कर रही है

रही बात ओवैसी साहब की ओवेसी साहब का खेल भी ओपन हो चुका है ,वह भी मंचों से भले ही बीजेपी को बुरा भला कहते हो लेकिन अब पढ़ा लिखा मुस्लिम मतदाता भी सब कुछ समझ चुका है ,कुछ अनपढ़ लोग हैं जो ओवैसी साहब के लच्छेदार भाषणों में आ जाते हैं ।
उनमें से कुछ लोग ओवेसी साहब के कैंडिडेट को वोट दे देते हैं इन वोटो का नुकसान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को ही होता है, जिसके लिए ओवैसी साहब को लगाया गया है। वह काम थोड़ा बहुत ओवैसी साहब का कैंडिडेट कुछ बोट प्राप्त कर कांग्रेस और सपा को नुकसान पहुंचा ही देता है।
अब देखना यह है की आने वाले चुनाव में चुनावी गणित बीजेपी किस तरीके से बिठाती है क्योंकि अब देश की जनता भगवान राम के नाम पर तो वोट देगी नहीं, इसलिए अब वंदे मातरम और कृष्ण जी की जन्म भूमि का मुद्दा गरमाया जाएगा

और गर्माया क्या जाएगा गरमाना शुरू कर दिया गया है, भले ही वंदे मातरम बीजेपी के आधे से ज्यादा सांसद मंत्री विधायक और कार्यकर्ता ना सुन सके, लेकिन जनता में तो यह मैसेज दिया ही जाएगा कि विपक्ष वंदे मातरम के खिलाफ है ।
रही बात कृष्ण जी की तो इस काम के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत जी ने शुरुआत विदेश से की है ,वह विदेश जाकर इस्कॉन मंदिरों में कृष्ण पूजा में शामिल हो रहे हैं। अब कृष्ण जी का सहारा ही है जो बीजेपी को सत्ता में वापसी दिला सकता है, कृष्ण जी भी भगवान राम के ही अवतार हैं क्या फर्क पड़ता है चाहे राम जी हो या कृष्ण जी हो बात तो एक ही है ।

राम जी तो खुद हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी को ही बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने नेताओं ने घोषित कर दिया है, उनका मंदिर भी बनवाया जा रहा है ,और अगर कृष्ण जी से भी बात नही बनी तो श्री हरि विष्णु तो है ही, श्री हरि विष्णु के बारे में सोचा जाएगा लेकिन बीजेपी इतनी जल्दी सत्ता अपने हाथ से जाने नहीं देगी,
यदि सत्ता बीजेपी के हाथ से जाएगी तो तभी जाएगी जब पूरा विपक्ष एक जुट होगा ,और प्रियंका गांधी को आगे किया जाएगा, अन्यथा बीजेपी से सत्ता छीन पाना नामुमकिन सा दिखाई पड़ता है।
अब बीजेपी को मुस्लिम मतदाताओं की भी आवश्यकता पड़ सकती है, इसके संकेत संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा विदेश में दिये गए ब्यान को सुनकर लग रहा है।


