22 Jul 2026, Wed

एक एडिशनल कमिश्नर के घर के बाथरूम व पूजा घर में मिले 100 करोड़ से अधिक के नोट इसने तो अपने पद की गरिमा को भी गिरा दिया है ।

अरे भैया एडिशनल कमिश्नर हो तो कम से कम हजार 2 हजार करोड़ तो रखो हमारे उत्तराखंड में आओ एक-एक पुलिस का इंस्पेक्ट्री 100 से 200 करोड रुपए तक का मालिक है ।

और तुम हो की 100 करोड रुपए में ही फंस भी गये । कुछ दिन उत्तराखंड में आकर रहो और यहां के तौर तरीके सीखो तब जाकर भविष्य में कुछ तरक्की कर पाओगे

अब यह 100 करोड़ पकड़े गए यह तो चले गए ,होना जाना तो तुम्हारा कुछ है नहीं, साल, 2 साल में फिर नौकरी पर आ जाओगे और फिर वही काम अपना शुरू कर दोगे ।

लेकिन इस बार पकड़े मत जाना और यह 100 करोड़ तो पूरे करना ही करना कम से कम 1 , 2 हजार करोड रुपए तो भविष्य के लिए इकट्ठे करके रख लेना, अन्यथा रिश्वत की धनराशि को हाथ मत लगाना।

उत्तराखंड में भी सभी इंस्पेक्टर 100, 200 करोड़ के मालिक नहीं है ।इनमें ज्यादातर वह है, जो हरिद्वार , देहरादून , उधम सिंह नगर हल्द्वानी व काशीपुर में पोस्टिंग पानी में कामयाब हो जाते हैं। उन्ही के ऊपर माँ लक्ष्मी की असीम कृपा होती है,

महेन्द्र सिंह नेगी, सेवानिवृत्ति पुलिस इंस्पेक्टर, उत्तराखंड

लेकिन ऐसा भी नहीं है की सभी 100, 200 करोड़ के मालिक हैं । हरिद्वार में ही महेंद्र सिंह नेगी जैसे पुलिस इंस्पेक्टर भी रहे हैं। जिनकी पतलून में जेब नहीं हुआ करती थी । ऐसा धाकड़ इंस्पेक्टर जो कर्तव्य के प्रति इतना ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ अधिकारी रहा है। बड़े-बड़े अफसरों की नाजायज सिफारिश नहीं सुनता था ।अफसर भी महेंद्र सिंह नेगी का सम्मान किया करते थे।

आज भले ही महेंद्र सिंह नेगी के पास पैसा नहीं है ।लेकिन महेंद्र सिंह नेगी को जो आत्म संतुष्टि है ।और जिस कदर वह सीना तानकर और अपना सिर ऊंचा करके चलते हैं ।तो उन्हें अपने आप में एक अलग ही गौरव महसूस होता है ।

और उन्हें ही नहीं उनके जानने वाले और उनके परिचित मित्रों को भी लगता है ,की वास्तव में पुलिस इंस्पेक्टर हो तो महेंद्र सिंह नेगी जैसा हो, महेंद्र सिंह नेगी मेरे भी बहुत अच्छे मित्र हैं ।और आज भी उनसे उसी तरीके की मित्रता है ,जैसी जब वह हरिद्वार में हुआ करते थे तब थी।

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