हरिद्वार । ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सोमवती अमावस्या कल सोमवार को पड रही है, सनातन धर्म के अनुसार इस सोमवती अमावस्या का इंतजार ऋषि मुनि और देवता भी किया करते थे ।कि जब सोमवार को सोमवती अमावस्या आएगी तभी मां गंगा के जल में स्नान कर दान पूर्ण करने का महत्व कई अश्वमेघ यज्ञ के समान माना गया है।

इसीलिए तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस समय लाखों की तादाद में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे हैं ,श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस के प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा कर्मियों को हर जगह लगाया गया है। खुद जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश दे रहे हैं।और भीड़ का जायजा भी ले रहे हैं ,आज सारी रात हर की पैड़ी सहित तमाम घाटों पर स्नान चलता रहेगा, और सुबह अमावस पर भी लोग स्नान ध्यान कर दान पुण्य करेंगे।

कल के दिन दान का सबसे ज्यादा महत्व पितरों को निमित्त किया गया दान बताया गया है। इसीलिए दान पुण्य का भी श्रद्धालु पुण्य अर्जित करेंगे। इस अमावस्या पर कितने श्रद्धालु हरिद्वार आए हैं। यह कह पाना तो मुश्किल है ,लेकिन भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख से भी कहीं ज्यादा आंकी जा सकती है। कल शाम तक लोग स्नान करेंगे और यह संख्या एक करोड़ तक भी पहुंच सकती है।

इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को पसीने छूट रहे हैं ,लेकिन फिर भी ऐसी भीषण गर्मी में पुलिसकर्मी संयमित होकर ड्यूटी दे रहे हैं। और श्रद्धालु भी घाटों पर स्नान कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी आते हैं इस मेले में जो अकारण ही सुरक्षा कर्मियों से उलझते हैं जो की उचित नहीं है। श्रद्धालु यहां आए श्रद्धा से स्नान करें और दान पुण्य करें तभी इसका लाभ है। लेकिन अगर आप सुरक्षा कर्मियों से उलझेंगे और उनके साथ अभद्रता करेंगे तो इन सब चीजों के कोई मायने नहीं है ।
इस कृत्य से आपको दान पुण्य का कोई लाभ होने वाला नहीं है। ना ही कोई आपको गंगा स्नान का कोई लाभ होने वाला है। क्योंकि गंगा स्नान श्रद्धा और भक्ति का पर्व है, इसको श्रद्धा भक्ति के साथ ही करें और अपने परिवार के साथ स्नान कर परिवार की सुख शांति के लिए मां गंगा से कामना करें ।

