26 May 2026, Tue
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मां मनसा देवी ट्रस्ट पर रिसीवर नियुक्त करने की मांग पकड़ रही है जोर ,काजल नाम की महिला का प्रकरण भी आ रहा है सामने।जिलाधिकारी ने उठा रखा है कठोर कदम।दुकानों की लीज की जायेगी समाप्त।

हरिद्वार ।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर पर ट्रस्टियों द्वारा मंदिर पर आने वाली चढ़ावे की रकम की बंदर बाट को देखते हुए अब मां मनसा देवी ट्रस्ट पर रिसीवर नियुक्त करने की मांग जोर-शोर से उठने लगी है। हरिद्वार के ही समाज सेवी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूम व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मनसा देवी मंदिर पर रिसीवर नियुक्त कर वैष्णो देवी की तर्ज पर इसका संचालन व देखरेख करने की मांग की है। संजय अग्रवाल का कहना है की मनसा देवी मंदिर पर आने वाली आय का कोई हिसाब नहीं रखा जाता है । जिसकी जितनी इच्छा होती है। वह उतनी बंदर वाट कर लेता है। इसलिए वहां अब रिसीवर नियुक्त करने की अत्यंत आवश्यकता है।

हालांकि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी मनसा देवी ट्रस्ट पर रिसीवर नियुक्त किए जाने की बात कही है। जिलाधिकारी कि इस बात से मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी को काफी परेशानी होने के साथ ही मनसा देवी के ट्रस्टी अनिल शर्मा को भी खासा झटका लगा है। जिलाधिकारी ने मंशा देवी मंदिर पर बनी दुकानों को भी ध्वस्त कराने की चेतावनी दे दी है ।जिससे मंशा देवी मंदिर पर अतिक्रमण करने वालो में हड़कंप मचा हुआ है।लेकिन अनिल शर्मा का कारोबार बदस्तूर जारी है। पहले नारियल चुन्नी और बिंदी मनसा देवी पर ही एकत्र कर वहीं से वहीं दुकानदारों को दे दी जाती थी और पुनः ये सामग्री मंदिर में आ जाया करती थी लेकिन अब यह सारा सामान नारियल चुनरी बिंदी मां के श्रृंगार का सारा सामान अनिल शर्मा के निजी कर्मचारी मंदिर से नीचे बने अनिल शर्मा के गोदाम पर ले आते हैं और वहां से सारा माल फिर ऊपर मंदिर पर पहुंच जाता है । रीसाइकलिंग का यह कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है ।

संजय अग्रवाल

काजल प्रकरण की भी जांच की मांग।

कुछ और बातें है , संजय अग्रवाल ने जिसमें एक काजल नाम की महिला का भी जिक्र किया है। संजय अग्रवाल के अनुसार काजल काफी समय से जिला कारागार में बंद है और वह मंशा देवी मंदिर के ट्रस्टियों के काफी राज जानती है। इस लिए इस प्रकरण की भी जांच कराए जाने की बात संजय अग्रवाल ने पत्र में की है। साथ ही चंडी देवी मंदिर पर भी रिसीवर बैठाए जाने की बात संजय अग्रवाल ने की है। उनका कहना है कि यहां भी काफी अनियमितताएं हैं। जो रिसीवर नियुक्त होने पर ही ठीक हो सकती है।

अध्यक्ष जी ,ट्रस्ट

बिहारी बाबू का जलवा।

मनसा देवी मंदिर पर एक बिहारी भाई हैं जो अपने आप को मंदिर का प्रबंधक क्या बिल्कुल सर्वे सर्वा बताते हैं ।और ये भी मंदिर पर दान में आने वाली धनराशि में से काफी माल अंदर कर लेते हैं ।इस माल की बदौलत ही बिहारी भाई भी काफी फल फूल रहे हैं। वैसे तो इनका काम अधिकारियों के यहां प्रतिमाह प्रसाद का टोकरा पहुंचना है। और इसी प्रसाद के टोकरी को पहुंचाने की आड़ में यह अधिकारियों से संपर्क बनाकर तरह-तरह के झूठ सच बोलकर काम निकलवा लेते हैं। इन बिहारी बाबू ने एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी ले रखा है ।अब लाइसेंसी रिवाल्वर खरीदने के लिए इनके पास इतने पैसे कहां से आए और किसने दिए। क्योंकि इनको मनसा देवी ट्रस्ट से इतना वेतन नहीं मिलता है कि ये अपने घर का खर्चा भी चला ले और इस तरीके के हथियार खरीदने के लिए भी पैसों की बचत कर ले ।हथियार जो इन्होंने खरीदा है वह पता नहीं इनका शौक है ।या किसी से इन्हें अपनी जान का खतरा है ।इसलिए यह हथियार लिए डोलते हैं।पिछले माह मनसा देवी मंदिर पर हुए हादसे जिसमें 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।की जांच होने की बात सुनकर प्रबंधक महोदय के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थी।लेकिन अब ये जांच लम्बी चलने के कारण प्रबंधक महोदय फिर से अपना रंग दिखाने लगे है।

जिलाधिकारी, हरिद्वार

 

ट्र्स्ट के अध्यक्ष इन ट्रस्टियों को क्यों देते है, खुली छूट।

मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी इन ट्रस्टियों के ऊपर ही सारा काम छोड़े हुए हैं। और इन ट्रस्टियों की करगुजारियों का ऐसा नहीं है की रवींद्र पुरी जी को मालूम ना हो लेकिन पता नहीं किस कारण रवींद्र पुरी जी आंखें मूंदे रहते हैं ।और यह लोग मनसा देवी मंदिर पर आने वाली दान की राशि की बंदर बाट में लगे रहते हैं। पिछले दिनों मंदिर पर जिलाधिकारी व एस एस पी की पहल पर हुई बैठक में मन्दिर पर काफी सुधार किए जाने की बात हुई थी।लेकिन कोई खास सुधार यहाँ दिखाई नही दे रहा है, इसके पीछे बिहारी बाबू की तानाशाही बताई जाती है।वेतन के नाम पर इन प्रबंधक महोदय का पहले 5500 सो रु वेतन था।अध्यक्ष जी से कहकर 2 हजार रु और बढ़वा लिए थे। प्रबंधक जी का वेतन बढ़ने के कारण मंशा देवी मंदिर पर कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों ने वेतन नही लिया है।वेतन न लेने वाले कर्मचारियों का कहना है।की बिहारी का वेतन लगातार बढाया जा रहा है।जबकी अन्य कर्मचारियों का वेतन नही बढाया जाता।

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