सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचने लगे और “हर-हर गंगे” के जयघोष से पूरा हरिद्वार गूंज उठा।
हर की पैड़ी, सुभाष घाट, कुशावर्त घाट, चंडी घाट, राजघाट और कनखल क्षेत्र के घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिली।
दशहरा के दिन मां गंगा के पवित्र जल में स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार पुरुषोत्तम मास का विशेष संयोग होने के चलते गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है, जिसके कारण देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं।

हरिद्वार। एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा मेला क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अधिनस्थ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
मान्यता हैै कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और राजा भगीरथ की कठोर तपस्या के बाद मानव कल्याण के लिए धरती पर आईं। यही वजह है कि गंगा दशहरा को सनातन परंपरा में बेहद पुण्यदायी पर्व माना जाता है। घाटों पर श्रद्धालु स्नान के साथ दान-पुण्य और पूजा-अर्चना भी करते नजर आए। जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर भी लगाए गए हैं।
कल से अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं गंगा में डुबकी , सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जिला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ब्रह्म मुहूर्त से पूर्व ही हर की पौड़ी अपनी टीम के साथ पहुंच गए थे, एक अनुमान के अनुसार कल से अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गंगा में डुबकी लगा चुके हैं।
बाइट-SSP सर (गंगा दशहरा मेला)


