*कुंभ मेले में एआई, आधुनिक सर्विलांस और बेहतर भीड़ प्रबंधन पर राज्यपाल का जोर*
*श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता: राज्यपाल*
देहरादून। कुंभ मेला अधिकारी, सोनिका एवं पुलिस महानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र रावत ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को आगामी कुंभ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
राज्यपाल ने कुंभ मेले में तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने मेले की व्यवस्थाओं में एनसीसी, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों, स्वयंसेवी संगठनों सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कुंभ मेले में एआई, आधुनिक सर्विलांस और बेहतर भीड़ प्रबंधन पर राज्यपाल का जोर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता: राज्यपाल
देहरादून। कुंभ मेला अधिकारी, सोनिका एवं पुलिस महानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र रावत ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को आगामी कुंभ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
राज्यपाल ने कुंभ मेले में तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने मेले की व्यवस्थाओं में एनसीसी, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों, स्वयंसेवी संगठनों सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।