30 Sep 2026, Wed

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भूपतवाला एवं सप्तसरोवर क्षेत्र में सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों के मरम्मत कार्य का किया स्थलीय निरीक्षण

सड़क मरम्मत कार्य धीमी गति से होने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी, संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को लगाई कड़ी फटकार

सड़क मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के दिए निर्देश

सीवरेज कार्य के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल एवं विद्युत लाइनों को भी एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश

लोनिवि एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

हरिद्वार, 30 सितंबर

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को भूपतवाला क्षेत्र के पुराना एआरटीओ चौक एवं सप्तऋषि मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों का संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने क्षेत्र में सीवरेज कार्य हेतु खोदी गई सड़कों तथा सीवरेज कार्य पूर्ण होने के बाद किए जा रहे सड़क मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य की मौके पर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों के मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य अपेक्षित गति से नहीं किया जा रहा है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे एवं क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण क्षेत्रवासियों, स्थानीय व्यापारियों, वाहन चालकों, आमजन एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधीन सीवरेज कार्य के कारण जो भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनका मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने क्षेत्र में सीवर के क्षतिग्रस्त चैंबरों को भी प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो तथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन आने वाली सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य तेजी से कराया जाए तथा 15 अक्टूबर 2026 तक सभी सड़कों को अनिवार्य रूप से गड्ढामुक्त किया जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि मरम्मत के बाद सड़कें बेहतर एवं सुरक्षित स्थिति में बनी रहें।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि सीवरेज कार्य के दौरान जिन स्थानों पर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त अथवा बाधित हुई हैं, उन्हें तत्काल चिह्नित कर एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न हो और क्षतिग्रस्त लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार,सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, परियोजना प्रबंधक गंगा डिवीजन उत्तराखंड पेयजल निगम मीनाक्षी मित्तल,अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार,अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान,विद्युत विभाग के अधिकारी दीपक सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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