10 Jun 2026, Wed
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मगरा कीवी उद्यान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावनाओं का आकलन, न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल ने किया निरीक्षण

टिहरी गढ़वाल। जनपद के जौनपुर विकासखंड में राजकीय उद्यान मगरा में प्रस्तावित कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के तकनीकी पहलुओं का आकलन करने के लिए न्यूज़ीलैंड से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया।

दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावनाओं, उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी, मदर ब्लॉक, प्रशासनिक भवन तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मगरा कीवी उद्यान में एक *ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन* स्थापित किया। इसके माध्यम से उद्यान और आसपास के क्षेत्रों के मौसम संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े जैसे तापमान, आपेक्षिक आर्द्रता, मृदा नमी, पवन गति तथा धूप की अवधि (सनशाइन रिकॉर्डर) आदि का नियमित संग्रह किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार इन आंकड़ों से किसानों को सटीक बागवानी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी तथा कीवी उत्पादन को वैज्ञानिक आधार मिलेगा।

न्यूज़ीलैंड के बायोसाइंस संस्थान से आए वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के लगभग 50 बागवानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को जाना। इस अवसर पर किसानों को कीवी फसल में रोग प्रबंधन, ट्रेनिंग एवं प्रूनिंग तकनीक, उन्नत बाग प्रबंधन तथा आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। वैज्ञानिकों ने न्यूज़ीलैंड में अपनाई जा रही उन्नत कीवी उत्पादन तकनीकों की जानकारी साझा कर किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों से अवगत कराया।

कार्यक्रम के दौरान कुछ किसानों के अनुभव और विचारों को रिकॉर्ड भी किया गया, जिससे भविष्य की योजनाओं और परियोजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को शामिल किया जा सके।

न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल में डेनियल कोलिन ब्लैक, निकोलस गूल्ड, जॉय लॉरेन टायसन, स्टीवन रॉबर्ट ग्रीन, जेरेमी निकोलस बॉर्डन तथा डॉ स्टीफ़न क्लेयर माँटेगोमरी शामिल रहे। इसके अलावा भारतीय न्यूज़ीलैंड उच्चायोग से सुदेशना रे, कृषि मंत्रालय भारत सरकार से चिराग, निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण से सुरभि पांडे एवं कविता राणा, नर्सरी पुनर्जीवन टिहरी के नोडल अधिकारी योगेश भट्ट, नर्सरी विकास अधिकारी मगरा राहुल राणा, जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा, जौनपुर ब्लॉक के उद्यान सचल दल केंद्र प्रभारी तथा क्षेत्र के अनेक बागवान उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने कहा कि यदि मगरा में कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होती है तो यह न केवल टिहरी जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड में कीवी उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्धता और किसानों की आय वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकता है।

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