हरिद्वार।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में सावन महीने में लगने वाला कांवड़ मेला यूं तो प्रशासन ने 29 तारीख से शुरू होना माना है। और 11अगस्त को शिवरात्रि पर देश भर के शिवालियों में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक होगा।
लेकिन शिव भक्ति कांवरिया 25 तारीख से हरिद्वार आने शुरू हो जाएंगे, यह कावड़िये काफी दूर दराज से हरिद्वार आते हैं, इनमें हरियाणा के भिवानी तक से कांवरिया यहां पहुंचते हैं ।
और भारी तादाद में जल लेकर यहां से पैदल यात्रा पूरी करते हैं, दूसरी तरफ मुरादाबाद रोड पर बुलंदशहर खुर्जा अलीगढ़ तक से भोले के भक्त पवित्र गंगाजल लेने हरिद्वार आते हैं, यह शिव भक्त यहां से जल लेकर अपने अपने नगरों की ओर रवाना होते हैं।
15 दिन तीर्थ नगरी हरिद्वार भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान रहेगी जिला प्रशासन इस बार कांवड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की आओ भगत के लिए काफी प्रबंध कर रहा है।
सर्वाधिक व्यवस्था तो जिला प्रशासन को कांवड़ पटरी को ही सुधारने में करनी होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की कुछ मोबाइल गाड़ियां व कांवरियों के पैदल वाले रास्ते पर कम से कम एक एक किलोमीटर की दूरी पर कुछ स्वास्थ्य विभाग के कैंप लगाने की आवश्यकता होगी।
साथ ही पीने के पानी व कांवरियों के लिए जो भोजनालय पैदल मार्ग पर बनते हैं या चाय की दुकान लगती हैं उनको भी निर्देशित करना होगा कि वह कांवरियों से बहुत ही प्रेम से वार्ता करने के साथ-साथ खाद्य पदार्थों का मूल्य भी अत्यधिक न वसूलें इसका निर्धारण जिला प्रशासन को करना होगा।

क्योंकि अक्सर देखने को मिलता है, की कांवड़ियों के साथ दुकानदारों का जो झगड़ा या कहासुनी होती है वह दुकानदारों द्वारा कांवरियों से अधिक मूल्य लेने के कारण ही होती है । कांवड़ लेने आने वाले कांवरिए किसी भी तरह का नशा न करें।अन्यथा काँवड़ हो जाती है खंडित।
साथ ही कांवरियों के लिए जगह-जगह कुछ होर्डिंग ऐसे भी पुलिस या जिला प्रशासन को सामाजिक संगठनों के माध्यम से लगवाने होंगे जिसमें की कांवरियों से अनुरोध किया गया हो ,कि वह कांवड़ यात्रा करते समय किसी भी तरीके का नशा ना करें ।नशा करने से कांवड़ यात्रा का कोई फल प्राप्त नहीं होता है।
इसलिए बहुत ही सात्विक तरीके से बिना किसी लड़ाई झगड़े के बिना किसी गाली-गलौज के सादगी पूर्ण तरीके से शिव भक्त कांवरियों को पवित्र गंगाजल लेकर हरिद्वार से निकलना चाहिए।
व किसी भी तरीके का झगड़ा आदि करने से बचना चाहिए तभी आपकी मन्नत पूरी होगी और आपकी यात्रा भोलेनाथ पूरी तो करेंगे ही साथ ही आपकी हर मनोकामना बाबा भोलेनाथ पूरी कर देंगे। भोले की भक्ति में लीन होकर आए और माँ गंगा व भोले की आराधना में सरावोर होकर जाए।
इसलिए कांवरियों को चाहिए कि वे बाबा भोलेनाथ के जयकारों के साथ आए और बाबा भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए बाबा भोलेनाथ के पुत्र गणपति जी व पार्वती जी के गीतों को गुनगुनाते हुए अपने-अपने नगरों और कस्बों की तरफ हरिद्वार की हर की पैड़ी से पवित्र गंगा जल लेकर प्रस्थान करें, और 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करें।

