उत्तराखंड मे स्मैक का कारोबार धड़ल्ले से पैर जमा रहा है, पुलिस लगभग प्रतिदिन ही इस महंगे नशे के सौदागरों को पकड़ती रहती है और जेल भेजती रहती है।
बावजूद इसके यह कारोबार रुक नहीं रहा है उत्तराखंड के अंदर सोने से भी महंगा यह नशीला पाऊडर जिसे चिट्टा भी कहा जाता है , बताया जाता है की यह स्मैक पाकिस्तान के जरिए पंजाब आता है और पंजाब से देश के कई राज्यों में सप्लाई होता है,
इस सफेद नशे के पाऊडर ने उत्तराखंड को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है ,आए दिन पुलिस स्मैक के सौदागरों को स्मैक के साथ पड़ती रहती है, लेकिन आज तक यह नहीं पता चल पाया है की इस स्मैक का असली सप्लायर कौन है।
कौन लोग इसको सप्लाई करते हैं उत्तराखंड के लगभग सभी क्षेत्रों में इस स्मैक रूपी जहर ने अपने पैर जमा लिए हैं, लेकिन उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली को भी दाद देनी पड़ेगी कि वह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून
आए दिन स्मैक की बिक्री करने वालों को दबोचती रहती है, लेकिन हैरानी की बात यह है आज तक पुलिस को यह नहीं पता चल पाया है कि ये जो नशे के कारोबारी या नशे के सप्लायर हैं, यह इस नशीले पाऊडर को लाते कहा से है , यह बेहद कीमती नशा अकेले उत्तराखंड में ही नहीं दिल्ली महाराष्ट्र हरियाणा पंजाब उत्तर प्रदेश राजस्थान मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी पहुंच रहा है ।
इस नशे के आदि हो जाने वाले छात्र व नौजवान यह नशा प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो जाते हैं, जबकि उत्तराखंड पुलिस स्मैक के छुट भय्ये सप्लायरों को पड़कर जेल भेजती रहती है।लेकिन इस जहर का असली कारोबारी अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर है।देखते हैं बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी।
नकली स्मैक भी बन रही है अभी तीन दिन पूर्व लखनऊ में भारी मात्रा में नकली स्मैक बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया है।

